मेरे प्रिय राजपुरोहित बधुओ को सुशित किया जाता है राजपुरोहित ब्रह्मपुत्र सेना संगठन कि अधिक जानकारी शोसल न्यूज के माध्यम से घर बैठे जान सकते (LSP) हमारा उद्देश्य समाज संगठित करना राजपुरोहित समाज के जन जन युवाओं सेना जोङना ताकि सग परसितियो या कोई राजपुरोहित समाज के कमजोर लोगों को शोषण मुक्त करने ताकि हर राजपुरोहित समाज के युवा आगे आए मे हर राजपुरोहित बन्धु तक मेसेज के जरिए एक स्थान पर एकत्रित हो सके एक ओर सगठित हो सके राजपुरोहित समाज एक होकर किसी राजपुरोहित परिवार कि आर्थिक मदद कर सके हर राजपुरोहित बन्धु तो अमीर नही है ऐसे कई परिवार मे महिला विधवा है किसी परिवार मे वारिश नही ऐसे मे बङे बुजुर्गों का परिवार का पालन पोषण कैसे होगा किसी के पास निसन्तान है ओर कोई जमीन जायदाद नही है ऐसे परिवार राजपुरोहित समाज मे घुट घुट जी रहे है ऐसे मे हम एक होकर किसी परिवार की सहायता कर सकते ऐसे उदाहरण मे देखने को मिला सायला कि निकट गाँव सराणा मे एक राजपुरोहित समाज मे एक आदमी गुजरात मजदूरी के लिए गया था ओर घर नही लोटा ओर महिला ने सायला पुलिस थाना मे गुमशुदगी मामला दर्ज करवाया लेकिन नही तो अभी कोई खोज खबर ओर नही कोई प्रशासन कि ओर से सायता मिली ऐसे मे हम एक होकर प्रशासन कि आख खोल सकते है तो लेकिन परिवार मे आठ सदस्य है ऐसे मे नरेगा रोजगार से घर परिवार चलाना बहुत मुश्किल है जिस परिवार मे कोई कमाने वाला नही है ऐसे मे इस परिवार मे पाँच बेटियों ओर दो सबसे छोटे बेटे जिसमे दो लङकीयो मानसिक बिमारी से ग्रस्त है बङी लङकी कि शादी हो सुकी है लेकिन लङकी के ससुराल वालो ने घर से बेदखल कर दिया ऐसे मे ब्रह्मपुत्र सेना परिवार ने लगभग 60,000 रूपये कि मदद का ऐलान किया है आर्थिक मदद मे संगठन आगे आया हम एक होकर ऐसे कई परिवार है जो संयोग कर सकते है धन्यवाद सभी राजपुरोहित बधुओ को ब्रह्मपुत्र सेना परिवार राजस्थान कि ओर से खुब खुब धन्यवाद
ब्रह्मपुत्र सेना का गठन सन 9 अक्टूबर 2014 में किया गया हे और इस संघठन का मूल उदेश्य हे अपने राजपुरोहित समाज की एकता और समाज सेवा। वेसे तो काफी संघठन चल रहे हे लेकिन "ब्रह्मपुत्र सेना" एक विशेष उदेश्य से गठित किया गया हे जो जमीनी स्तर पर आगे आके समाज के हित में काम करेगा और मध्यम परिवार या समाज का कोई भी भाई अगर किसी कारणवश किसी समस्या से जुज रहा हे तो उसकी सहायता करेगा।। जय हो श्री श्री 1008 श्री खेतेश्वर दाता की।।।
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जय श्री गुरूवर
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